Om Jai Jagdish Aarti Hindi

Hare Rama Hare Krishna
6 Min Read

Jagdish Aarti

Jagdish Aarti

|| हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ||

|| हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ||

ॐ

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

श्री राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥

श्री राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥

श्री राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥

श्री राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥

श्री राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे ।
सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने ॥

ओ३म् जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे ।

 

भक्त जनन के संकट, भक्त जनन के संकट क्षण में दूर करे। ओ३म् जय जगदीश हरे ||

जो ध्यावे फल पावे दुख विनसे मन का, ख विनसे मन का। सुख सम्पत्ति घर आवे कष्ट मिटे तन का। ओ३म् जय जगदीश हरे ||

मात-पिता तुम मेरे शरण गहूँ मैं किसकी, शरण गहूँ मैं किसकी। तुम बिन और न दूजा, तुम बिन और न दूजा आस करूं जिसकी।ओ३म् जय जगदीश हरे ||

तुम पूरण परमात्मा तुम अन्तर्यामी, तुम अन्तर्यामी। पारब्रह्म परमेश्वर, पारब्रह्म परमेश्वर तुम सब के स्वामी। ओ३म् जय जगदीश हरे ||

तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता, तुम पालनकर्ता। मैं मूरख खल कामी, मैं मूरख खल कामी कृपा करो भर्ता। ओ३म् जय जगदीश हरे ||

तुम हो एक अगोचर सबके प्राणपति, सबके प्राणपति।किस विधि मिलूं दयामय,किस विधि मिलूं दयामय तुमको मैं कुमति। ओ३म् जय जगदीश हरे ||

दीनबन्धु दुःखहर्ता , तुम रक्षक मेरे,तुम रक्षक मेरे।करूणा हस्त उठाओ ,करूणा हस्त उठाओ द्वार पड़ा तेरे। ओ३म् जय जगदीश हरे ||

विषय विकार मिटाओ पाप हरो देवा, पाप हरो देवा । श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ सन्तन की सेवा। ओ३म् जय जगदीश हरे ||

ओ३म् जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे । 

भक्त जनन के संकट, भक्त जनन के संकट क्षण में दूर करे। ओ३म् जय जगदीश हरे ||

|| बोलो राधे श्याम भगवान की जय ||
|| बोलो कन्हिया लाल की जय ||
|| बोलो कुंज बिहारी लाल की जय ||

कर्पूरगौरं करुणावतारं |

संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् || 

सदा बसन्तं हृदयारविन्दे |

भवं भवानीसहितं नमामि।।

त्वमेव माता च पिता त्वमेव ।
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ॥ 
त्वमेव विद्या द्रविणम् त्वमेव ।
त्वमेव सर्वम् मम देव देव ॥

त्वमेव सर्वम् मम देव देव ॥

त्वमेव सर्वम् मम देव देव ॥

कायेन वाचा मनसेन्द्रियैर्वा ।
बुद्ध्यात्मना वा प्रकृतिस्वभावात् ।
करोमि यद्यत्सकलं परस्मै ।
नारायणयेति समर्पयामि ॥ (i)

अच्युतं केशवं रामनारायणं
कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् ।
श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं
जानकीनायकं रामचंद्रं भजे ॥

|| हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ||

|| हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ||

 

|| हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ||

|| हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ||

 

|| हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ||

|| हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ||

 

|| हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ||

|| हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ||

 

|| हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ||

|| हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ||

|| बोलो अम्बे माँ की जय ||

|| बोलो साजे दरबार की जय ||

|| हर हर हर हर महादेव शिव शम्भो शंकर ||

श्री हनुमान चालीसा – Hanuman Chalisa in HINDI, TELUGU, TAMIL, MARATHI, ODIA (ORIYA), BENGALI, URDU, GUJRATI, KANNAD.

Shri Ganesh 108 names in MARATHI, BENGALI, TELUGU, GUJRATI, KANNADA, ODIA, SANSKRIT, ENGLISH.

More about Lord Ganesh visit Wikipedia

Share This Article
Leave a Comment